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नामपट्ट से सभी औफिसेज के नाम देखता है....देखते-देखते एक औफिस के नाम पर उसकी आंखें चौडी हो रुक जाती हैं ---’सुनील म्यूजिक’......वह फोन कर राज को बताता है कि वह अभी वहां से बोल रहा है और उसने ऐसा-ऐसा देखा है....अभी वह राज से बातें कर ही रहा था कि लिफ्ट से निकल तीन बदमाश जैसे व्यक्तियों को उसकी ओर आते देखता है....वह मोबाइल नीचे कर नामपट्ट से अन्य दिशा में देखने लग जाता है....वे तीनों वहां आ बात करते हैं - "वो समर का बच्चा यहीं से बोल रहा था...दूर नहीं निकला होगा...चलो बाहर देखें...." वे मेन रोड पर जाते हैं, समर समानान्तर द्वितीय सडक पर निकल टैक्सी ले सीधे राज को पहुंचता है..."मैं जीवित तो हूं...! कहीं मुझे कोई चोट तो नहीं लगी है...?"
"क्या बात है..?बडे भयभीत जान पडते हो.....!"
"आपको बताया नहीं मैंने!!!!"
"हां.....तो अब भयभीत तो उन्हें होना चाहिये.....तुम क्यों हो रहे हो...!"
"वो उस समय मोबाइल पर हो रही हमारी बातचीत सुन रहे थे, और तुरत तीन व्यक्ति मुझे पकडने वहां पहुंचे भी थे...पर वे मुझे अभिजानते नहीं थे....संयोग से मैं अभी सकुशल आपके समक्ष खडा हूं....."
"हूं....इसका अर्थ कि वे न केवल रिकार्डिंग के समय अपितु निजी वार्ताओं को भी सुनते रहते हैं...ओः....मोबाइल कम्पनियों से सांठ-गांठ कर कोई किसी की भी सारी बातों को सुनते-रिकार्ड करते रह सकता है जबतक कि मोबाइल औन है....”
दोनों चिन्ता और विचारों में मग्न बैठे सोच रहे हैं....तभी राज को एक कौल आती है किसी लैण्ड्लाइन फोन से - "बहुत दौड-भाग लगा रहे हो समस्याओं के समाधान के लिये....पर आज तुम पुनः लुट गये...पूछो कैसे....."
राज यह स्वर अभिजान गया कि यही वह स्वर था जब द्वीप से लौटने पर इसने किसी पीसीओ से कौल किया था...-"कैसे ?"
"तुमने आज जो मधुर गीत रिकार्ड किया वह हमारे अधिकार में आ चुका है...."
"पर मैंने तो सुरक्षा की सारी व्यवस्था की थी....रिकार्डेड सौंग अभी मेरे लैपटौप में सुरक्षित है....!!!!!!!"
"कहीं न कहीं तो कुछ न्यूनता रह गयी होगी......"
"मेरी टीम से किसी ने विश्वासघात किया है.!!!!!!"
"न.....”
"तब यह कैसे हो पाया?????"
"तुम जानो....." सम्पर्कविच्छेद हो गया....
राज सभा को फोन कर इस कौल के सम्बन्ध में बताता है....सभा दुःखी होती है....अभी राज और समर बातें कर रहे हैं कि सभा का फोन आता है -"सर.....मुझे राघवेन्द्र कश्यप सर के दिये परामर्श स्मरण में आ रहे हैं...उनने यह भी बताया था कि इण्टरनेट सर्विस प्रोवाइडर कम्पनी के अधिकारियों/एग्जिक्यूटिव्स से सांठगांठ कर जिस किसी के कम्प्यूटर से सारे फोल्डर्स और फाइल्स कौपी कर लिये जा सकते हैं जब इण्टरनेट उस कम्प्यूटर पर औन हो....यही काम हमारे दुश्मनों ने इस बार किया जान पडता है...."
राज और समर पुनः बातें कर रहे हैं....."सर....आप तुरत अपना मोबाइल औफ करें..."
राज तुरत मोबाइल औफ करता है - "हूं....अब बोलो.... मोबाइल अब अधिकतर बन्द ही रखना पडेगा...."
"ये दो बार जो कौल आपको आये हैं...बोलनेवाला सुनील ही है या उससे निकट का कोई व्यक्ति यह जानने को एक युक्ति मेरे मन में आयी है.....अपने फिल्म का निर्माता आपका मित्र है.....उसके किसी व्यक्ति को सुनील के समीप आनेवाली फिल्म में संगीत देने के सम्बन्ध में बात करने भेजें....वह निज मोबाइल से आपका...नहीं...यहां किसी और का नम्बर डाय्ल कर औन रखेगा जिससे वहां की सारी बात हम सुनते रहें....सुनील और अन्य भी वहां के लोगों से उसके बात करते समय देखते हैं किसका स्वर उस स्वर से मेल खाता है.... प्लान के अनुसार एक व्यक्ति सुनील को जाता है.... राज और समर बहुत मानसिक मन्थन पाने से बच गये, क्योंकि सर्वप्रथम वह व्यक्ति सुनील से बातें करता है, और सुनील का ही स्वर पूर्णतया उस स्वर से मेल खाता प्रतीत होता है....दोनों को यह जान बहुत आराम अनुभूत होता है कि दुश्मन कौन है यह स्पष्ट हो गया है....अब दोनों प्रोड्यूसर की सहायता से प्रिया म्यूजिक से सम्पर्क कर यह जान जाने में सफल होते हैं कि उसे वे राज की कम्पनी से चुराये गये गीत सुनील के ही व्यक्तियों ने बेचा था....
"सर...जैसा सुनील हमारे संग कर रहा है वैसा उसके संग भी तो किया जा सकता है....?"
"हां....पर अन्यों को सतानेवाले ये मानकर दुष्टता करते जाते हैं कि ऐसा केवल वही कर सकते हैं, कोई उनके संग ऐसा व्यवहार नहीं कर सकता...किसका साहस है जो हमारे विरुद्ध सोच भी पाये ?"
"आपको हानि पहुंचाने की जो-जो युक्तियां उसने लगायीं , वे सभी उसके संग भी की जा सकती हैं.....तबतक...जबतक कि वह आ आपसे क्षमायाचना न करे...."
"तो जान लो कि सभा भी तुमको मिल गयी......"
"पर, हीरो बने विना वह मुझे स्वीकार नहीं करेगी...."
"तुम्हें हीरो बनवाना मेरा काम है...तुम अपना प्लान देखो...."
२० समर राज की कम्पनी के गेट से निकल रोड पर चला जा रहा है.....सहसा एक कार उसकी दायीं ओर सर्र् से आ रुकी....-अरे....समर.....तू मर गया है या जीवित है!!!!!!" समर उसे देख भी अनदेखा कर चुपचाप चलता जाता है...."अरे..तू सुन नहीं रहा क्या....?" वह व्यक्ति कार से निकल समर के कन्धे पर हाथ रख बोलता है- "अरे...मुझे भूल गया क्या??? दो बार तेरे आवास गया पर वहां ताला लटका था....तेरे मोबाइल पर तीन बार कौल किया पर स्विच्ड औफ.....हैं..?????"
"अं...कौन बोल रहे...अच्छा, क्या बोल रहे....?"
"अरे...तू क्या मुझे नहीं अभिजाना!!!!!!!!!"
समर ने ध्यान से उसकी आंखों में देखा और सोचा -"राज ने मुझे जो हीरो बनवाने का आश्वासन दिया है वह समर्थ है मुझे ऐसी प्राप्ति करवा देने में....इस जौन के बच्चे से तो कोसों दूर रहने में ही अपनी भलाई है.... सभा को पाना है तो स्वच्छ जीवन ही जीना होगा.... जौन से सम्बन्ध का परिणाम होगा ऐसी सम्पत्ति पाना जो अशान्ति के संग किसी दिन विनाश ला देगी...-"कौन हो तुम? मेरा तुमसे न कभी परिचय रहा है न रहेगा......"
"क्या तुझे मुझसे लाखों रुपये नहीं लेने हैं?????"
"न...."
"पश्चात् यह न कहना कि मैंने तुम्हें चीट किया है......!"
"तुमसे मैं कभी मिला नहीं....और भविष्य में कभी मुझसे मिलने का प्रयास भी न करना...."
"तू स्वच्छ जीवन जीना चाहता...मैं समझा...ओके डियर....गुड्बाई....." जौन चला गया......
समर ने चारों ओर देखा कहीं कोई उसे जौन संग बात करते देख रहा था क्या.......वह निज आवास पहुंचता है....वहां पडोस में एक नवयुवक है जो एक मोबाइल कम्पनी में कष्टमर केयर एग्जिक्यूटिव है....समर उससे मिलने जाता है....वह उसकी बहुत प्रशंसा करता है कि अब तो आप हीरो भी बन जायेंगे!!!!!!! समर उसे सारी आपबीती सुनाता है....
"जो सुनील आपलोगों के संग करता रहा है वह तो उसके संग भी किया जा सकता है... इसमें आप इतना टेंशन न लें.... हमलोग तो जब चाहें जिसके भी मोबाइल से उसकी निजी बातों को सुनते रहें... जिसपर मन अप्रसन्न हो जाये उसके टाक-बैलेन्स को न्यून कर दें.... कौल रेट अधिक चार्ज कर लें.... इण्टर्नेट सर्फिंग में चाहे तो दस गुणा बीस गुणा बढाकर दिखा दें इतना अधिक डेटा सर्फ कर लिया है.... कष्टमर कम्प्लेन करे भी तो कोई अन्तर पडता.... ऊपर से नीचे पर्यन्त सब मिलीभगत रहती है....एक दोषी का कम्प्लेन किसी अन्य दोषी से करने पर कुछ अन्तर नहीं पडता.... कष्टमर कन्ज्यूमर कोर्ट भी नहीं जा सकता, क्योंकि कष्टमर के संग न तो टाक-बैलेन्स का न ही सर्फिंग टाइम या टाकिंग टाइम का कोई वैध प्रमाण होता है....ही ही ही....."
’मन तो करता है इस कमीने को मारकर यहीं गाड दूं...’..."भई सूरज....अभी पर्यन्त जो कुछ भी तुम करते रहे उससे तुम्हें कोई धनार्जन हुआ ?"
"नहीं...पर रंजन बहुत आया.... बहुत मनोरंजन हुआ करता है....."
"इसी काम के लिये तुम्हें अब धन मिलेगा...सहस्रों रुपये....."
"वो कैसे !!" वह गम्भीर और उत्सुक हो गया....
समर ने सारा प्लान उसे विस्तार से समझा दिया...संग ही चेतावनी भी दी कि यदि यह बात किसी को बता दी तो.....अगले दिन एक मोबाइल फोन सिम कार्ड ले समर राज को गया.... दोनों कोई भी बात करते तो मोबाइल औफ रखते हैं.... "यह सिम अपने दूसरे मोबाइल में लगा लें....अब देखें कितना रंजन आता है हमें...." राज सिम लगा औन करता है... समर कुछ विशेष नम्बर दबाता है तो कहीं की बातें और ध्वनि मोबाइल से आने लगती हैं.... "ये सुनील के मोबाइल से आ रही हैं...."
"क्या !!!!!!! " राज की आंखों में प्रसन्नता की किरणें तेज उभरीं....
"आप इस नम्बर से कहीं बात न करना.... केवल सुनना है सुनील को....और देखना है...शीघ्र बहुत कुछ करना है..."
"आज के दिनांक में सुनील म्यूजिक हमारी प्रतिस्पर्धा कर रहा है.... कभी-कभी हमारी पोजिशन उससे लो होती भी जान पडती है....मैं उसे तबतक झटके देना चाहता हूं जबतक वह आकर मुझसे क्षमा नहीं मांगता है...."
वे दोनों उधर की बातें सुन रहे हैं .... कोई सुनील को रिपोर्ट दे रहा है - "लगातार विलम्ब करने से, और गीत चोरी चले जाने की भी बात सुनकर वह प्रोड्यूसर राज से बहुत अप्रसन्न है....कह रहा था कि क्या जाने कहीं फिल्म प्रदर्शित होने के पश्चात् किसी ने क्लेम कर दिया कि ये गाने चोरी के हैं तो बडी समस्या हो जायेगी........ मैंने कहा हमारा म्यूजिक प्रोडक्शन बहुत सेफ और राज से हायर ष्टैण्डर्ड का है.... वह चुप रहा...."
"हां... लगे रहो....और... हमारे नये ऐल्बम का क्या हुआ...?"
"आज आठवें गाने की रिकार्डिंग पूरी हो रही है....इसके पश्चात् शूटिंग होनी है....."
"सबकुछ सुरक्षित तो है न???"
"अरे हमलोग भी क्या कोई राज म्यूजिक वाले हैं....!....पक्षी का भी साहस नहीं घुस जाये अन्दर विना हमारी अनुमति के.....सारा कुछ वैसे ही रिकार्डिंग रूम के कम्प्यूटर में रखा है...." सुनील इसके पश्चात् लंच करने चला जाता है....
"सर...हमलोगों का कम्प्यूटर इंजीनियर पास्वर्ड तोडने में कुशल है...उसे और एक कीमेकर को संग ले हमलोग उन सारे गानों की कौपी अपने हाथों में भी ले लें....."
"जैसा भी प्लान बनाओ, केवल इतना है कि सफलता मिलनी चाहिये....."
तीनों प्लान के अनुसार रात को सुनील म्यूजिक में सफलतापूर्वक प्रवेश कर जाते हैं....अन्दर भी एक व्यक्ति सोया मिलता है...उसे अनेस्थेटिक सूंघा गहरी निद्रा में भेज दिया जाता है... तत्पश्चात् कीमेकर सेफ का लौक खोलने में लग जाता है तो इंजीनियर कम्प्यूटर का पास्वर्ड तोडने में लग जाता है....कीमेकर सेफ का लौक खोल देता है....पर उसके अन्दर एक और लौक लगा है....अब उस लौक को खोलने में वह लग जाता है.....तबतक इंजीनियर पास्वर्ड तोड लेता है.....औपरेटिंग सिष्टम खुल जाता है....तब कीमेकर भी उस द्वितीय लौक को खोल लेने की प्रसन्नता जताता है....पर यह क्या!! अब अन्दर एक और लौक है.....कीमेकर उसे भी खोल जब एक और लौक खोलता है तब जाकर अन्दर एक बौक्स निकलता है... इंजीनियर निज संग लाये लैप्टौप के २५० जीबी हार्ड डिष्क में उस कम्प्यूटर के सेव्ड महत्त्वपूर्ण फोल्डर्स और फाइल्स कौपी करने में लगा है... लौकर के बौक्स में कुछ नोटों की गड्डियां, डाक्युमेण्ट्स, और सीडी-डीवीडीज रखे हैं..... गड्डियां छोड दी जाती हैं पर डाक्युमेण्ट्स स्कैण्ड और सीडी-डीवीडीज कौपी कर लिये जाते हैं..... सारा कार्य निबटा, सबकुछ यथापूर्व छोड वे तीनों लौट आते हैं.....राज इंजीनियर को सभी फाइल्स और फोल्डर्स से निज उद्देश्य की वस्तु-सामग्री निकालने को कहता है...समर आवास जा सो जाता है.....अगले दिन आने पर उसे इंजीनियर बताता है कि सभी नये ऐल्बम आदि प्रायः सभी महत्त्वपूर्ण फाइल्स अपने हाथ लग चुकी हैं.... पर... किस प्रकार अब क्या किया जाये ?....समर एक पिम्प से बात करता है जिसकी बौलिवुड में अच्छी पकड है.....वह इस सम्बन्ध में गुप्त रूप से कहीं बात करने का वचन देता है.... इधर राज एक फिल्म निर्माता से समर के लिये बात करता है और उसे समर के मौडलिंग और ऐक्टिंग के वीडियोज दिखाता है.... कुछ अधिक ही रुचि दिखाने पर निर्माता मान जाता है समर को हीरो ले फिल्म बनाने पर... समर वहां जा कौण्ट्रैक्ट साइन करता है...... राज आराम से बैठा सभा को बता रहा है कि समर ने आज हीरो के रूप में अभी कौण्ट्रैक्ट साइन किया है.... सभा अनुमान कर लेती है कि समर अब आकर कौन्ट्रैक्ट पेपर्स दिखा उससे विवाह की बात कर सकता है.... कुछ समय पश्चात् जब समर समक्ष गेट से प्रवेश करता दिखता है तो वह वहां स्थित उद्यान के पुष्पों को निहारती खडी है.... पर समर उसके समीप से उसे ’हाय’ कह हथेली हिलाता औफिस में चला जाता है.....सभा कुछ उदास हो जाती है यह सोच कि कहीं इसे कोई और तो नहीं मिल गयी..!... अन्तः जा समर राज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है.... तत्पश्चात् आराम से बैठ पिम्प से सम्पर्क करता है.... पिम्प तुरत कहीं बातें कर समर को फोनकर बताता है कि प्रिया म्यूजिक इन गानों के क्रय के लिये मान गया है... पर एक तो वे रेट न्यून बता रहे हैं द्वितीय वह स्वयम् उस रेट का आधा लेगा..... समर राज से बात करता है.... राज कहता है कि सारा रेट वह पिम्प ही ले ले....हमें रुपये नहीं सुनील को हानि पहुंचती दिखनी चाहिये.... समर यही बात पिम्प को बता २४ घण्टे के अन्तर्गत उस ऐल्बम के रिलीज कर देने की बात कहता है.... वैसा ही होता है... सुनील और उसके संगी प्रिया म्यूजिक से क्रोध में बात करते हैं......प्रिया वाले बोले -"जैसा तुमलोग अभी तक करते आये हो वैसा ही किसी ने तुमलोगों के संग आज कर दिया है.... और तुम तो जानते हो कि ऐसे सम्बन्धों में हम किसी का नाम उजागर नहीं करते.... और तुमलोग हमारी शक्ति जानते हो.... पुनः ऐसे हमपर क्रोध दिखाने का साहस नहीं करना...."
समर राज को बताता है कि काम हो गया है.... कल उसका औडियो अल्बम रिलीज हो जायेगा.... राज- "पर गीतकार ने तो उन गीतों को कौपीराइटेड करा रखा होगा..?"
"नहीं....सुनील विकेड होने के संग-संग डेयरडेविल भी है....वह अपने गीतकारों को कौपीराइट लेने नहीं देता... फिल्म की कथा के अनुसार गीत लिखने को देता और कहता है अल्बम या फिल्म में उसका गीत उसके नाम के संग प्रकाशित हो जायेगा तो वही उसका कौपीराइट भी हो जायेगा कि वह गीत उसने लिखा है....."
"हमलोग तो ऐसा नहीं करते.... क्योंकि ऐसा कर सुनील किसी गीतकार की रचनाओं को चुरा भी ले सकता है....!"
"वो तो है...."
राज को सन्तोष है कि चलो कुछ तो झटका दिया.... अब वह बहुत सावधानी से रिकार्डिंग आदि सभी कार्य करता करवाता है....अब उसका व्यवसाय पुनः प्रगति के पथ पर आगे बढ रहा है...
२१ राज मन ही मन सभा के मन को समर के प्रति आकर्षित करने का प्रयास करता है..... सभा आजकल नये-नये फिल्मों में गाने गा रही है जिनमें अधिकतर लोकप्रिय हो रहे हैं....इधर समर ने भी हीरो के रूप में शूटिंग आरम्भ कर दी है.... उसके प्रोड्यूसर ने फिल्म की शूटिंग एक से दो मास पर्यन्त में पूरा कर लेने की बात दुहरायी है....सभा और समर एक-दूजे के निकट आ रहे हैं.... संग समुद्र किनारे भ्रमण कर रहे हैं.... हाथ में हाथ लिये प्रेमगीत गा रहे हैं.... एक मनोहर उद्यान में दोनों बेंच पर आराम से बैठे बातें कर रहे हैं...."सभा, तुम्हारे जीवन में और कौन तुम्हारे निकट आया है?...."
"बहुत सारे.... मैं कितने नाम गिनाऊं.....!"
समर गम्भीरता से - "हंसी कर रही हो या सच कह रही हो...?"
"सच्च्च्च्च्च्च्च्च कह रही हूं......"
"पर...जब प्रथम बार गाते ही तुम्हारा मधुर गीत बहुत प्रसिद्ध हुआ था, और तुम्हारा इण्टरव्यू हुआ था...तब तो तुमने कहा था कि न केवल वर्जिन हो अपितु तुम्हारा आजतक कोई ब्वाय्फ्रेण्ड भी नहीं रहा है....?"
"हूं.... आई हैड टोल्ड द ट्रुथ....."
"अर्थात् ????????"
"इसका अर्थ यह है कि मैं वर्जिन हूं...और मेरा किसीसे कोई प्रेम-जैसा कोई सम्बन्ध नहीं रहा है.....मेरी तो बहुत छानबीन कर रहे... अपने सम्बन्ध में भी तो बताओ...तुम कितने अच्छे हो.....?"
"मेरा सम्बन्ध केवल एक से ही बना है....इसी मार्च ....और अब मैं उससे विवाह करने वाला हूं....."
"अच्छा....अर्थात् तुम्हारे भी जीवन में इससे पूर्व कोई नहीं आयी....पर...तुम मुझसे मार्च में कब मिले हो...??"
"बता दूं!!!!!!.."
"हां बताओ...."
"पर मुझे भय है कहीं तुम मुझे छोड न दो...."
"तुम्हें तो मैं कभी नहीं छोडूंगी...."
"छोडो...कोई और बातें करते हैं...."
"नहीं.....अब तो तुम्हें बताना ही होगा.... बताओ.....हां बताओ....“
उसके बार-बार आग्रह पर समर को बताना ही पडा - "मैं आज जिस भी ऊंचाई पर पहुंचा हूं वह सब तुम्हारी सहायता से ही सम्भव हो पाया....."
"मैंने कब तुम्हारी सहायता की??"
"तुम्हारे एक लाख रुपयों से ही मैं मौडल बनने योग्य अच्छी स्थिति में आ सका...."
"कौन-से एक लाख रुपये..????"
"जो तुम्हारे पर्स से लुप्त हुए थे...."
"क्या !!!!!!!!"
"उसके लिये मुझे क्षमा कर दो....."
सभा को इतना क्रोध आ रहा था कि वह उसे एक थप्पड तो अवश्य मारे पर उस गार्डेन से वह चुपचाप उठकर एकाकिनी चली गयी.....समर उदास कुछ समय उपवन में इधर-उधर टहलता हुआ पुनः राज म्यूजिक पहुंचा... वहां अन्तः प्रवेश करते समय राज को बाहर निकल जाते देखा.... उसने राज को ’गुड नून’ कहा, पर राज अनसुना कर निकल गया....समर बोध गया कि सभा ने राज को बता दिया है.... तब भी चिन्ता की कोई बात नहीं....राज उसे नहीं छोडने वाला.....वह इधर-उधर निरीक्षण करता कम्प्यूटर रूम में गया और सुनील की कम्पनी से प्राप्त फाइल्स का निरीक्षण करने लगा.....लम्बे अन्वेष पश्चात् एक फोल्डर के अन्दर के अन्दर के अन्दर कुछ वीडियो फाइल्स दिखीं..... ये.... ये तो पोर्नोग्रैफी है..... हूं... वाह... क्या फाष्ट फकिंग है......ऊंह... बट इण्डियन ष्टाइल है.... फकर तो कोई इण्डियन ही जान पडता है..... फेस छुपा रखा है.... लगता है कभी मैंने इसे कहीं देखा है..... इसका फेस सुनील के फोटो से मिलता-जुलता है.... और ये तो साधारण स्तर की गायिका राधिका है.....!... तो इससे यह स्पष्ट होता है कि राधिका को गायन क्षेत्र में सफल बनाने का आश्वासन दे सुनील से उसकी फकिंग की... और चुपके-से उसकी ब्लू फिल्म भी बना ली.... यह वीड